मोती पहनने से पहले जाने इसे पहनने के फायदे | Before wearing pearl, know the benefits of wearing it

चंद्रमा का रत्न मोती है. ज्योतिष विद्या के अनुसार,चंद्रमा मन का कारक होता है. ऐसा माना जाता है कि मोती पहनने वाले व्यक्ति के मन से नकारात्मकता दूर हो जाती है. वैवाहिक जीवन में साथी संग चल रहे मनमुटाव मोती पहनने से दूर हो जाते है और प्रेम संबंध भी मजबूत होते है. पढ़ाई में मन विचलित होनेवाले छात्रों के मोती धारण करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. मोती धारण करने से पहले इन बातों का विशेष ध्यान रखे. 

किस ऊँगली में मोती धारण करे?

जिस हाथ का आप ज्यादा उपयोग करते है,उस हाथ की सबसे छोटी ऊँगली में मोती धारण करना चाहिए. अक्सर कई लोग सोने की अँगूठी में मोती धारण करने की सलाह दी जाती है,लेकिन मोती को हमेशा चाँदी की अँगूठी में ही धारण किया जाता है. एक बात का विशेष ध्यान रखे कि कभी भी नीलम या गोमेद जैसे रत्न को मोती के साथ ना पहने,वरना यह आपको मानसिक पीड़ा दे सकते है. 

इन बातों का विशेष ध्यान रखे.

मोती पहनने का सबसे शुभ मुहुर्त शुक्ल पक्ष के सोमवार को माना जाता है. पूर्णिमा के दिन भी मोती धारण किया जा सकता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार,७-८ रत्ती का मोती धारण करना चाहिए. मोती धारण करने से पहले इसे गंगाजल या गाय के कच्चे दूध में १० मिनट तक भिगाकर रखे और मोती धारण करने से पहले ऊँ चंद्राय नम: मंत्र का १०८ बार जाप करे. ऐसा करने से आपको मोती धारण करने का विशेष लाभ प्राप्त होगा.

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी के सत्य होने का हम कोई प्रामाणिक दावा नहीं कर सकते है. इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए आप इस क्षेत्र से संबंधित किसी भी प्रामाणिक व्यक्ति से संपर्क कर सकते है

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